UPPSC, RO/ARO, UP Police, PET, Lekhpal, PCS, TGT, PGT एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रामाणिक एवं सम्पूर्ण हस्तलिखित नोट्स
उत्तर प्रदेश की जनजातियाँ (Tribes of Uttar Pradesh) राज्य सामान्य ज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है। UPPSC, UPSSSC PET, Lower PCS, RO/ARO, Lekhpal, TET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में जनजातियों से संबंधित प्रश्न लगातार पूछे जाते हैं। इस अध्याय में गोंड, थारू, बुक्सा, खरवार, महिगिर, अगरिया, चेरो, पनिका आदि जनजातियों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
| जनजाति | मुख्य क्षेत्र | वंश | विशेषता |
|---|---|---|---|
| गोंड | सोनभद्र, मिर्जापुर | द्रविड़ | सबसे प्रमुख जनजाति |
| थारू | तराई क्षेत्र | मंगोलॉयड | दीपावली शोक रूप में |
| बुक्सा | लखीमपुर खीरी, बिजनौर | मंगोलॉयड | काली देवी की पूजा |
| खरवार | सोनभद्र | द्रविड़ | करमा नृत्य |
| महिगिर | खीरी क्षेत्र | मिश्रित | मछली पकड़ना |
गोंड जनजाति उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जनजातियों में से एक है। यह मुख्यतः सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली क्षेत्रों में निवास करती है। गोंड जनजाति द्रविड़ वंश से संबंधित मानी जाती है।
थारू जनजाति उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाती है। यह मुख्यतः लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती तथा बलरामपुर जिलों में निवास करती है। यह मंगोलॉयड वंश से संबंधित मानी जाती है।
थारू विकास परियोजना 1974 में प्रारंभ की गई थी। इसका उद्देश्य जनजातीय विकास और शिक्षा को बढ़ावा देना था।
थारू संस्कृति संग्रहालय लखीमपुर खीरी में स्थित है। यहाँ थारू जनजाति की संस्कृति, वस्त्र और जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया है।
बुक्सा जनजाति मुख्यतः लखीमपुर खीरी और बिजनौर क्षेत्रों में निवास करती है। यह मंगोलॉयड वंश से संबंधित मानी जाती है।
खरवार जनजाति मुख्यतः सोनभद्र और मिर्जापुर में निवास करती है। यह द्रविड़ वंश से संबंधित मानी जाती है।
महिगिर जनजाति मुख्यतः लखीमपुर खीरी में पाई जाती है। यह इस्लाम धर्म को मानती है। इनका प्रमुख व्यवसाय मछली पकड़ना है।
अगरिया जनजाति का मुख्य व्यवसाय लौह अयस्क निकालना है। यह जनजाति पारंपरिक रूप से लोहे का कार्य करती रही है।
| तथ्य | जानकारी |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश में कुल जनजातियाँ | 5 प्रमुख जनजातियाँ |
| भारत की कुल जनजातीय जनसंख्या में UP का प्रतिशत | लगभग 0.6% |
| सबसे अधिक जनजातीय जनसंख्या | सोनभद्र |
| सबसे कम जनजातीय जनसंख्या | हापुड़ |
| जनजातीय साक्षरता दर | लगभग 55.7% |
| लिंगानुपात | लगभग 960 |
उत्तर प्रदेश की जनजातियाँ राज्य की सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण भाग हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में जनजातियों से संबंधित प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। यदि विद्यार्थी इन जनजातियों के क्षेत्र, वंश, त्योहार, भोजन, विवाह, देवी-देवता तथा सरकारी योजनाओं को अच्छे से याद कर लें तो परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।